कविता
युवा कवि। शोध छात्र, काशी हिंदू विश्वविद्यालय। मामूली आदमी वह जो समय की पीठ परसवार होकर चलता थाहँसता था गाता था नाचता थामिलता था दिल खोलकरजानता था दुनियादारीआदमी को पहचान लेता था उसकी नीयत से एक दिन अविश्वास की नदी मेंकूदकर मर गयामरने से पहले वहकिसी का...
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