परिचर्चा, बहस
युवा कथाकार और लेखिका। अद्यतन कहानी संग्रह ‘मालूशाही मेरा छलिया बुरांश’ और उपन्यास ‘काँधों पर घर’। नाट्य आलोचना से संबंधित कई किताबें। संप्रति किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्याल में प्रोफेसर। कथा, उसकी आलोचना और पाठक से वह त्रिकोण पूरा होता है जिसे हम समग्रता में...
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