प्रकाश देवकुलिश की दो कविताएं

प्रकाश देवकुलिश की दो कविताएं

      कवि एवं मीडियाकर्मी। जीवन की करो गिनती इससे पहले किअंधेरा पोत दे काला रंगसफेद रोशनी परफैला जो है उजासउसकी बातें करोअंधेरे की बूंद को समुद्र मत बनाओ इससे पहले किमृत्यु अपने को बदल दे शोर मेंगीत गाओ, सुनाओजीवन की रागिनी गुनगुना रही हैश्रवण के सारे...