प्रकृति प्रांजल

प्रकृति प्रांजल

    युव कवि।  संप्रति शांतिनिकेतन में अध्ययन।    प्रेम कभी अकेला नहीं होता प्रेम से भरा व्यक्तिकभी अकेला नहीं होताप्रेम से भरा हृदयकभी खाली नहीं होताप्रेम हरसिंगार होकर खिलता हैबिछ जाता है स्वागत मेंप्रेम दूब होकर फैलता हैऊसर भूमि हो जाती है हरितिमप्रेम...