कविता
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित।‘अंश काल्पनिक बस्ती’ के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत। तड़प मैंने देखा हैसागर के उस ज्वार कोचांद के सिर्फ एक स्पर्श के लिएपहाड़ के झरनों कोनदी में समर्पित होने के लिएतड़पते हुए मैंने देखा हैउस थके पांव कोदूर कहीं...
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