बहस का तहस-नहस : गौतम सान्याल

बहस का तहस-नहस : गौतम सान्याल

चर्चित आलोचक और कथाकार। बर्दवान विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के पूर्व प्राध्यापक। अद्यतन आलोचना पुस्तक ‘कथालोचन के नये प्रतिमान’। ‘मैं नहीं जानता कोई कैसे अश्लीलता को परिभाषित करता है। मैं इतना निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि उम्र के अनुसार परिभाषा भी भिन्न-भिन्न होगी।’ यह...
लोकरंग परंपरा में बहादुर लड़की गुलाब बाई : पुष्पा बरनवाल

लोकरंग परंपरा में बहादुर लड़की गुलाब बाई : पुष्पा बरनवाल

संस्कृतिकर्मी एवं बैसवारा पी. जी. कॉलेज, लालगंज में एसोसिएट प्रोफेसर। पुस्तक ‘जनवादी दृष्टि परंपरा तथा भैरव प्रसाद गुप्त के उपन्यास’ (आलोचना)। ‘बहादुर लड़की उ़र्फ औरत का प्यार’ ग्रेट गुलाब थियेटर कंपनी की बहुत ही मशहूर नौटंकी रही है। यह लेख ‘बहादुर लड़की’ शब्द सिर्फ...