एक सौ बयासी साल की कैद : रजनी शर्मा बस्तरिया

एक सौ बयासी साल की कैद : रजनी शर्मा बस्तरिया

    वरिष्ठ आदिवासी कथाकार। कला-संस्कृति की 14 किताबें और बाल साहित्य की 13 किताबें प्रकाशित। संप्रति अंग्रेजी की व्याख्याता।  कई पुरस्कारों से सम्मानित।  ‘कब से बंधे हो?’ ‘182 साल हो लिए।“ ‘ठीक से बोलो!’ ‘आठ कम दो सौ साल।’ ‘क्या बकवास है, मरे नहीं अब तक?’...
सेवती का ककवा गंधरू का रुमाल : रजनी शर्मा बस्तरिया

सेवती का ककवा गंधरू का रुमाल : रजनी शर्मा बस्तरिया

वरिष्ठ लेखिका। कहानी और कला-संस्कृति की 14 पुस्तकें प्रकाशित। अंग्रेजी की व्याख्याता। कई पुरस्कारों से सम्मानित। अबूझमाड़ का वह गांव। सागौन, साल, शीशम के पेड़। दस कोस दूर झोपड़ियां, जहां छत से आसमान झांकता हो। पहाड़ों की ओट से धूप, नदी, तालाब, पोखर, सारे पड़ोसी हों। इसलिए...