राजेंद्र सजल

राजेंद्र सजल

    युवा कवि और कथाकार। प्रकाशित कहानी संग्रह ‘अंतिम रामलीला’ और ‘नजर’। संप्रति अध्यापन कार्य। हम धंसते गए गहरे हम और हमारे पुरखों नेयुद्ध नहीं प्यार किया हैइंसान से ही नहीं जानवरों और मिट्टी से भी हमारे पास हाथी-घोड़े नहीं थेक्योंकि प्यार मेंगाएं, बछड़े, भेड़,...