महाभारत के आख्यान पर स्त्रीवादी कविताएं : के. श्रीलता , अनुवाद : राजेश कुमार झा

महाभारत के आख्यान पर स्त्रीवादी कविताएं : के. श्रीलता , अनुवाद : राजेश कुमार झा

अनुवाद, लेखन तथा संपादन का लंबा अनुभव। के. श्रीलता अंग्रेजी साहित्य की जानी पहचानी लेखिका। कवि, उपन्यासकार औरसंपादक। आई.टी. मद्रास में अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं। इनके अनेक कविता संग्रह तथा एक उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें अनेक साहित्यिक सम्मान भी मिले हैं।...
देश-देशांतर : अल्मोग बेहार (इजराइल)/ अनुवाद : राजेश कुमार झा

देश-देशांतर : अल्मोग बेहार (इजराइल)/ अनुवाद : राजेश कुमार झा

 (जन्म 1978)। इजराइल और फिलिस्तीन के बीच भाषा, संस्कृति और राजनीति के स्तर पर भेदभाव के विरोधी। कविताओं में मुख्यतः विभिन्न पृष्ठभूमियों से इजराइल आए लोगों की आकांक्षाओं और तनावों की अभिव्यक्ति। मानवाधिकारों से संबंधित आंदोलनों में सक्रिय। 1-द्विभाषी कविता मैं...
नबीना दास की कविता चूम रहे हैं वे, अनुवाद : राजेश कुमार झा

नबीना दास की कविता चूम रहे हैं वे, अनुवाद : राजेश कुमार झा

अनुवाद, लेखन तथा संपादन का लंबा अनुभव। आकाशवाणी में निदेशक के पद पर। अंग्रेजी की असम निवासी चर्चित कवि और कथाकार। काव्य संकलन- ‘ब्लू वेसेल’, ‘इनटू द माइग्रेंट सिटी’ – और ‘रेड रिवर’ और (संस्कारनामा)। बंदूक़ की नोक पर चूम रहे हैं वेजानते हैं कि चूमते हुए वे नहीं...