कविता
वरिष्ठ कवि। मराठी में अनूदित कविताओं का संग्रह ‘धरेचे सुख’ प्रकाशित। सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर। जब तक देह है भाषा नहीं थीतब भी मैं लिखता थाकुरेदता पत्थरों से शिलाओं परकुछ आड़ा-तिरछा वाद्ययंत्र नहीं थेतब भी मैं उत्पन्न करता था ध्वनियांनदी में उंगलियों से जल...
कविता
वरिष्ठ कवि। सेवानिवृत्त चीफ़ इंजीनियर। मराठी में अनूदित कविताओं का संग्रह ‘धरेचे सुख’ प्रकाशित। बूढ़ी किताबें किताबें भीबूढ़ी होती हैं हमारी तरहउनमें भी पड़ती हैं झुर्रियांचरमराती है उनकी भी देहउनके भी भाष्यनिरर्थक और अस्पष्ट होते जाते हैंहमारे...
कविता
वरिष्ठ कवि। सेवानिवृत्त चीफ़ इंजीनियर। मराठी में अनूदित कविताओं का संग्रह ‘धरेचे सुख’ प्रकाशित। पिता की काया में पिता की सूखी देह मेंकोई नदी जरूर बहती होगीजिससे वह सींचा करते होंगेमां के सपनों की फुलवारी पिता की पथराई आंखों मेंकुछ कोमल दृश्य छुपे...
कविता
सेवानिवृत्त चीफ़ इंजीनियर।मराठी में अनूदित कविताओं का संग्रह ‘धरेचे सुख’ प्रकाशित। मृत्यु से पूर्व हुसैन के दौड़ते घोड़े रुक गए हैंगुम हो गई मोनालिसा की मुस्कानलास्ट सपर में ईसा मसीहठिठक गए हैं उठाते-उठाते ब्रेड जुडास के साथ नदियों का बहाव थम गया हैसूर्य निढ़ाल हो...
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