राजकुमार बघेल

राजकुमार बघेल

    चार कविता संग्रह, और तीन ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित। संप्रति सहायक अध्यापक।  पिता जब धान पीटते हैं पिता जब धान पीटते हैंतो पीट देते हैंनफरत, हिंसा, विद्वेष के बीज पिता के द्वारा हर बारधान का मुट्ठा उठानाऔर पटक देनादो फाड़ हुए खजूर के तन परजैसे वोट लेने के...