न जाने क्या चाहता हूँ मैं : रामकरण शर्मा, अनुवाद – प्रवीण पंड्या

न जाने क्या चाहता हूँ मैं : रामकरण शर्मा, अनुवाद – प्रवीण पंड्या

रामकरण शर्मा (१९२७ – २०१८) साहित्य अकादेमी, भारतीय भाषा परिषद, बिड़ला फाउंडेशन से पुरस्कृत।करीब १८ काव्यसंग्रह , 2उपन्यास प्रकाशित।समकालिक संस्कृत कविता के प्रतिष्ठित हस्ताक्षर। ज्यों-ज्यों पाता हूँ सुखलंबी आयुताकत, पद, सोना और अभिज्ञतात्यों-त्यों मेरी पिपासाएं...