हिंदी कहानी में नए मोड़ : रमेश अनुपम

हिंदी कहानी में नए मोड़ : रमेश अनुपम

कवि, आलोचक। अद्यतन कविता संग्रह ‘लौटता हूं मैं तुम्हारे पास’  आज की कहानी कई अर्थों में अपनी पूर्ववर्ती कहानियों से भिन्न है। यह न केवल नई विषयवस्तुओं का संधान करती है, बल्कि कथा के अनेक ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में प्रवेश करने का जोखिम भी उठाती है, जो आज से...
हिंदी उपन्यास में नया प्रस्थान : रमेश अनुपम

हिंदी उपन्यास में नया प्रस्थान : रमेश अनुपम

कवि और समीक्षक कृतियाँ ‘ठाकुर जगमोहन सिंह समग्र’, ‘ समकालीन हिंदी कविता’, ‘जल भीतर इक बृच्छा उपजै’ (काव्य संचयन), ‘लौटता हूँ मैं तुम्हारे पास’ (काव्य संग्रह)।   वंदना राग की ‘बिसात पर जुगनू’ और अनामिका...
हिंदी गद्य की नई भंगिमाएं :  ज्ञानरंजन और राजेश जोशी की नई गद्य पुस्तकों पर चर्चा/ रमेश अनुपम

हिंदी गद्य की नई भंगिमाएं : ज्ञानरंजन और राजेश जोशी की नई गद्य पुस्तकों पर चर्चा/ रमेश अनुपम

कवि और समीक्षक कृतियाँ ‘ठाकुर जगमोहन सिंह समग्र’, ‘ समकालीन हिंदी कविता’, ‘जल भीतर इक बृच्छा उपजै’ (काव्य संचयन), ‘लौटता हूँ मैं तुम्हारे पास’ (काव्य संग्रह)।     ज्ञानरंजन अपनी कहानियों तथा महत्वपूर्ण पत्रिका...