हिंदी गद्य की नई भंगिमाएं :  ज्ञानरंजन और राजेश जोशी की नई गद्य पुस्तकों पर चर्चा/ रमेश अनुपम

हिंदी गद्य की नई भंगिमाएं : ज्ञानरंजन और राजेश जोशी की नई गद्य पुस्तकों पर चर्चा/ रमेश अनुपम

कवि और समीक्षक कृतियाँ ‘ठाकुर जगमोहन सिंह समग्र’, ‘ समकालीन हिंदी कविता’, ‘जल भीतर इक बृच्छा उपजै’ (काव्य संचयन), ‘लौटता हूँ मैं तुम्हारे पास’ (काव्य संग्रह)।     ज्ञानरंजन अपनी कहानियों तथा महत्वपूर्ण पत्रिका...