कहानी
युवा लेखिका। ‘बंद कोठरी का दरवाजा’ (कहानी संग्रह) ‘नदी को सोचने दो’, ‘मन हुआ पलाश’ और ‘वक़्त की अलगनी पर’ (तीनों कविता-संग्रह) प्रकाशित।संप्रति – स्वतंत्र पत्रकारिता। सुनकर कुछ देर के लिए एकदम चुप सी हो गई मैं।फिर लगा, ऐसा भी क्या हो गया कि मां भुनभुना रही...
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