आलेख
रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर। वरिष्ठ आलोचक और टिप्पणीकार। प्रमुख कृतियां : ‘रामविलास शर्मा का महत्व’, ‘वैकल्पिक भारत की तलाश’। 1960 के दशक में केवल कला-साहित्य में ही नहीं, प्राय: सभी क्षेत्रों में हम अभूतपूर्व बदलाव देखते हैं- यह दशक...
परिचर्चा, बहस
प्रस्तुति : संजय जायसवाल कवि और समीक्षक। विद्यासागर विश्वविद्यालय, मेदिनीपुर में सहायक प्रोफेसर। फणीश्वरनाथ रेणु आंचलिक उपन्यास और नई कहानी दौर के विशिष्ट कथाकार हैं। वे हिंदी के पहले कहानीकार हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान और टेक्नोलॉजी के प्रवेश का...
Recent Comments