रीता दास राम

रीता दास राम

    युवा कवयित्री।अद्यतन कविता संग्रह ‘गीली मिट्टी के रूपाकार’ उपन्यास ‘पच्चीकारियों के दरकते अक्स’। धमकी दी थी धमकी दी थीखत्म कर देने कीऔर डराना चाहा था हवा सेधूप की कीमत पर खरीदनी चाही थी सांसेंयह जान लेने के बादकि खत्म करना मुश्किल होता हैठीक वैसे ही...