रेखा चमोली

रेखा चमोली

    कवयित्री और देहरादून में सहायक प्राध्यापिका। दो कविता संग्रह ‘पेड़ बनी स्त्री’ और ‘उसकी आवाज एक उत्सव है’। ख्वाहिश कितनी छोटी सी ख्वाहिश शाम होतुम्हारा साथ होशहर के कोलाहल से दूर कहींपिघलते सूरज कोपेड़ों से विदा लेते देखें हमजब नदी सोने की तैयारी में होलौट...
रेखा चमोली की कविताएं

रेखा चमोली की कविताएं

 कवयित्री और शिक्षिका| उत्तरकाशी के एक शिक्षक संस्थान में| उत्तराधिकारी अपने बारे में बताना बहुत जरूरी हुआ तो मैंअपने बच्चों को अपनी दोस्ती के बारे में बताऊंगीअपनी यात्राओं और गलतियों के बारे में बताऊंगीअपने असफल पे्रम के बारे में बात करूंगीपर नहीं करूंगी अपने किसी नए...