कहानी
युवा कहानीकार। संप्रति बीटेक के छात्र। मैं अकसर अपने बिस्तर पर लेटे हुए छत से लगे चलते पंखे को देखकर सोचता हूँ, क्या ऊर्जा का होना ही जीवित रहने का प्रमाण है? अगर हां, तो मुझे सूखे-शांत, पत्तों, पेड़ों और यहां तक कि स्थिर खिड़कियों में एक असीमित अमृत जीवन...
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