तन्नू की साइकिल : रोहिणी नंदन मिश्रा

तन्नू की साइकिल : रोहिणी नंदन मिश्रा

युवा कथाकार। ‘अंखुआ’ (गीत संग्रह), ‘बोल कबूतर’ (बाल काव्य) प्रकाशित। संप्रति- अध्यापन। कमर पर लात मार दो चलेगा, सिर पर पांव धर दो माफ! मुला उसकी साइकिल पर पराई अंगुली भी फिर जाए, यह उसे बर्दाश्त नहीं। यह महज लोहे की साइकिल नहीं, वरन उसकी अस्मत है, उसकी मूंछ है। भगवान...