अनुवाद, कविता
मराठी के वरिष्ठ कवि, अनुवादक और समीक्षक।कविता संग्रह ‘माझ इवलं हस्ताक्षर’हिंदी अनुवाद – सूर्यनारायण रणसुभे शहर -एक खत्म ही नहीं होता यह शहरफैलता ही जा रहा है चारों दिशाओं मेंमहाकाय अजगर की तरहकहते हैं कि इस शहर के एक छोर परकोई बच्चा अगर जन्मा होऔर निकला हो...
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