परिचर्चा, बहस
कवि, समीक्षक और संस्कृति कर्मी। विद्यासागर विश्वविद्यालय, मेदिनीपुर में सहायक प्रोफेसर। हर युग में साहित्य के जरिए उस युग के सत्य को देखने, समझने और जानने का प्रयास होता रहा है। साहित्य ने हमेशा अपने युग को परिष्कृत करने का महत्वपूर्ण काम किया। एक समय राज दरबार में...
परिचर्चा, बहस
कवि, समीक्षक और संस्कृति कर्मी।विद्यासागर विश्वविद्यालय, मेदिनीपुर में सहायक प्रोफेसर। हिंदी पत्रकारिता के मीडिया बनने की यात्रा दो सौ वर्षों के बौद्धिक एवं सामाजिक चेतना के विकास का आख्यान है। ‘उदंत मार्त्तंड’ का प्रकाशन औपनिवेशिक परिवेश में 30 मई 1826 को नवजागरण के...
समीक्षा संवाद
कवि, समीक्षक और संस्कृति कर्मी। विद्यासागर विश्वविद्यालय, मेदिनीपुर में सहायक प्रोफेसर। कविता की यात्रा सभ्यता की भी यात्रा है। वह अपनी यात्रा में बहुत कुछ ‘डिस्कवर’ करती है। जिसमें जीवन के अनुभव अर्थपूर्ण ढंग से सामने आते हैं। वह मनुष्यता का पर्याय है।...
समीक्षा संवाद
कवि और समीक्षक. विद्यासागर विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर एवं प्रबुद्ध रंगकर्मी. संस्मरण साहित्य एक प्रामाणिक एवं रोचक विधा है। इन दिनों संस्मरण लेखन का चलन बढ़ा है। यह जितना आत्मीय और सृजनात्मक मामला है, उतना ही यह एक तरह का ऐतिहासिक दस्तावेजीकरण भी है। कई बार संस्मरण को...
समीक्षा संवाद
कवि और समीक्षक. विद्यासागर विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर एवं प्रबुद्ध रंगकर्मी. कविता ने हमेशा मानव मन की बेचैनियों को बचाया और चेतना को उद्वेलित किया है। हिंदी कविता का तेवर बदला है। छोटी-छोटी जगहों से कवि आ रहे हैं, उन जगहों की आवाजें हिंदी काव्य-संसार में सुनाई पड़ रही...
Recent Comments