वायरस : मनोज कुमार गोस्वामी

वायरस : मनोज कुमार गोस्वामी

असमिया से बांग्ला अनुवाद : वासुदेव दासबांग्ला से हिंदी अनुवाद : संजय राययुवा कवि।एक पुस्तक ‘कुंवर नारायण का कविता लोक’। रात में अनादि के शरीर के ऊपर से एक चूहा दौड़कर भागा।घबराकर उसने बत्ती जलाई और उठ बैठा।रात में अकसर रसोई और बरामदे से उसे उन छोटे-छोटे चूहों की...
कुछ कविताएँ : संजय राय

कुछ कविताएँ : संजय राय

      युवा कवि। एक पुस्तक ‘कुंवर नारायण का कविता लोक’। आउट स्विंग वर्तमान का मकान अतीत की ईंटों से बना होता है अतीत की बेचैनियां वर्तमान की पिच पर दूब की तरह उगा करती हैं समय का रोलर बार-बार चलाया जाता है पिच पर और जिंदगी है कि तेजी से आती हुई आउटस्विंग...
कुछ कविताएँ : संजय राय

कुछ कविताएँ : संजय राय

      युवा कवि। एक पुस्तक ‘कुंवर नारायण का कविता लोक’। आउट स्विंग वर्तमान का मकान अतीत की ईंटों से बना होता है अतीत की बेचैनियां वर्तमान की पिच पर दूब की तरह उगा करती हैं समय का रोलर बार-बार चलाया जाता है पिच पर और जिंदगी है कि तेजी से आती हुई आउटस्विंग...
बांग्ला कहानी : पिता

बांग्ला कहानी : पिता

तमाल बंद्योपाध्याय, बांग्ला के प्रसिद्ध कथाकार। चर्चित उपन्यास – ‘उत्तरपुरुष’ और ‘कम्पासवाला’। अनुवाद : संजय राय     पिता कभी नहीं मरते। वे अपनी संतानों में बचे रहते हैं। बचे रहते हैं उनकी बुरी आदतों में। विशेष भाव-भंगिमाओं में भी बचे रहते हैं। मैं बिलकुल अभी...