कविता
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। संप्रतिः पूर्णियां महिला कॉलेज में प्रिंसिपल। गजल काटें कभी न पेड़ को, तोड़ें नहीं पहाड़कुदरत की ताकत बड़ी, करिए नहीं बिगाड़ पीपल बोला नीम से, कैसा है यह दौरअपना बगिया बेच के, चिड़िया खोजे ठौर बिकता है बाजार में,...
कहानी
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। संप्रति अध्यापन। वह जून महीने का पहला पखवाड़ा था। काफी गर्मी और उमस थी। मुखिया जी से मेरी मुलाकात जेल में हुई। शांत, सौम्य और सहज। बातचीत में निहायत शालीन। उनका चेहरा काफी सुंदर था। प्रभावशाली! धीरे-धीरे बातचीत शुरू हुई, तो...
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