कविता
गजल संग्रह ‘ये और बात है’। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और संकलनों में प्रकाशित। संप्रति भारतीय वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त। गज़ल 1है कोई साजिश कि है बकवास या कुछ और हैजो बताया जा रहा, इतिहास या कुछ और है? जिस तरह हम दे रहे हैं पूर्वजों को...
कविता
वरिष्ठ कवि। रचनाएं कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। संप्रति भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत। गज़ल 1बोलता है और तनकर, ‘क्या हुआ, कुछ भी नहीं’चोरियां पकड़ी गईं पर क्या हुआ, कुछ भी नहीं किसलिए अब वह डरेगा अपनी तहकीकात सेरह के आया है वो अंदर क्या हुआ, कुछ भी नहीं...
कविता
वरिष्ठ कवि। रचनाएं कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। संप्रति भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत। गज़ल यहां वहां से लिए या किसी खजाने सेकहां से लाए वो दौलत, रहे बताने से कहां तो लोग गुजारा भी कर नहीं पातेकहाँ तो गड्डियाँ मिलती हैं पायखाने से पता नहीं कि वो लेकर...
कविता
वरिष्ठ कवि। रचनाएं कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। संप्रति भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत। गज़ल आप में हम में कमी है, सच कहूँ तोब़र्फ धमनी में जमी है, सच कहूँ तो ख़ूब हो – हल्ला रहेगा कुछ दिनों तकफ़िक्र अपनी मौसमी है, सच कहूँ तो हादसे पर हादसा फिर हादसा...
कविता
युवा गजलकार. रचनाएं पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित. भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत ग़ज़ल बिला वजह के वजह बताकर उथल-पुथल जो मचा रहे हैंनहीं किसी की उन्हें है परवाह जो खाया उसको पचा रहे हैं सभी हैं नंगे हमाम में तो किसे गलत या सही कहेंगेन राज़ अपना खुले ये डर है,...
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