उद्बोधन : सारुल बागला

उद्बोधन : सारुल बागला

युवा कवि।धनबाद से भू-भौतिकी में परास्नातक।ओएनजीसी, अंकलेश्वर, गुजरात में कार्यरत। जो गूंगे थे उन्हें सराहा गयाउनके शानदार उद्बोधन के लिएऔर बोलने वालों के मुंहहमेशा बंद किए गएइतिहास के कारखाने मेंहमेशा ढाले गए सीखचेकि कोई कैदी बगावत न कर सकेफिर भी जिंदा हैं हमबजा रहे...