शैरिल शर्मा

शैरिल शर्मा

    युवा कवयित्री। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित।   प्रेम ईश्वर का दूसरा रूप है प्रेमएक धुंधला आईनाजिसमें ईश्वर झांकता है चुपचापयहां शब्द नहीं होतेसिर्फ धड़कनों का स्पंदन हैप्रेम एक ऐसी खिड़कीजहां से ईश्वर झांककर जोहता है-तुम्हारी बाटजब तुमअपने...