दो कविताएं : शिव कुशवाहा

दो कविताएं : शिव कुशवाहा

      कविता संग्रह ‘तो सुनो’ प्रकाशित। संप्रति अध्यापन। 1-दुनिया लौट आएगी निःशब्दता के क्षणों ने डुबा दिया है महादेश को एक गहरी आशंका में जहां वीरान हो चुकी सड़कों पर सन्नाटा बुन रहा है एक भयावह परिवेश एक अदृश्य शत्रु ने पसार दिए हैं अपने खूनी पंजे सिहर...