शिवानंद सिंह ‘सहयोगी’

शिवानंद सिंह ‘सहयोगी’

    वरिष्ठ कवि और गीतकार। अद्यतन नवगीत संग्रह ‘एक मुट्ठी भात’।  गांव को हम जानते तबसे गांव को हम जानते तबसेजबसे वह पगडंडियों कापेट-पीढ़ा-पैर होता था कुएं का पानी फसल कोजल चढ़ाता थासूर्य भागड़-फ्रेम मेंफोटो मढ़ाता थाबाप बेटी को नहींपहले पढ़ाता थागांव को हम जानते...