शिव कुमार पराग

शिव कुमार पराग

    वरिष्ठ गजलकार। ‘देख सको तो देखो’ (गजल संग्रह), ‘रोशनी के शब्द’ (गीत संग्रह), ‘देश बड़ा बेहाल’ (दोहा संग्रह)।    गजल भीगे-भीगे से लग रहे हैं लोगधीरे-धीरे सुलग रहे हैं लोग इनको सोया हुआ नहीं समझोआंखों-आंखों में जग रहे हैं लोग भीतर-भीतर जुड़े हुए हैं...