शिव प्रकाश दास

शिव प्रकाश दास

    वर्द्धमान विश्वविद्यालय में शोधार्थी।अपने हिस्से का सूरज (काव्य संग्रह) दिन वो जो तप रहा हैआंच परनिखरेगा एक दिनसंभालेगा समय की कमानअपने हाथों में वो जो चल रहा हैस्कूल का बस्ता लिएअपनी पीठ पर नंगे पांवबदलेगा ओ एक दिनसमय का इतिहास वो जो ठिठुरती रातों...