कविता
सहायक प्रोफेसर, गया कॉलेज। प्रकाशित किताबें: ‘खिलखिलाता हुआ कुछ’, ‘पत्थर से निकलती कराह’ (कविता संग्रह), ‘अंधेरा कुछ इस तरह दाखिल हुआ’ (कहानी-संग्रह) और आलोचना की एक पुस्तक। क्रूरताएं मैंने घर का सपना देखासपने की यह सीरत होती हैकि उसमें घर बहुत सुंदर...
कहानी
युवा कथाकार। प्रकाशित पुस्तकें, ‘वैश्वीकरण और हिंदी का बदतलता हुआ स्वरूप’(आलोचना) और ‘खिलखिलाता हुआ कुछ’ (कविता-संग्रह)। गया कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर। उनका नाम इतना जवान था कि उन्हें बाबा कहने की इच्छा नहीं होती। यद्यपि थे वे बाबा ही। एक उम्र के बाद दाढ़ी-मूंछ और...
Recent Comments