कविताएं श्रद्धा सुनील

कविताएं श्रद्धा सुनील

    सामाजिक कार्यों से जुड़ी कवयित्री। एक कविता संग्रह प्रकाशित। छली गई स्त्रियां प्रेम में छली गई स्त्रियांदेखती हैं अपने भीतरप्रेम कहीं ऐसे ही दबा कसमसाता हैजैसे तलघर के अंधरे मेंकहीं-कहीं होती है थोड़ी-सी रौशनीसीली लकड़ी की तरह सुलगती बुझतीअवसाद में डूबी...