दिन का उजाला : अरुण रंजन मिश्र, अनुवाद -शुभ्रजित सेन

दिन का उजाला : अरुण रंजन मिश्र, अनुवाद -शुभ्रजित सेन

अरुण रंजन मिश्र मुख्यतः संस्कृत समीक्षक के रूप में प्रतिष्ठित।ओड़िया में लंबे समय से कविकर्म, किंतु अपने इधर के तीन संस्कृत कविता संग्रहों के कारण चर्चित। बहते पानी जैसे लोगों के मुंह वहांकोई अघोरी कोटिशः जीवित नरमुंड फेंकता हैंसंपर्कों में वाड़वाग्नि जलता हैटूटी...