कविता
युवा कवयित्री। आंकड़ा धूप से झुलसे हुए हाथजब मिट्टी में बीज डालते हैंतो उम्मीद बोई जाती है-कि इस बार फसलसिर्फ कर्ज नहीं उतारेगीबल्कि भविष्य संवारेगी पर मौसमअब आसमान से नहींबैंकों की फाइलों से तय होता हैबरसात कम हो या ज्यादासूखा खेत में नहींकिसान के सीने...
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