अफ्रीका की कविता/ सिद्धार्थ वाजपेयी

अफ्रीका की कविता/ सिद्धार्थ वाजपेयी

सिद्धार्थ वाजपेयी बैंक से सेवा निवृत्ति के बाद कविता लेखन में सक्रिय।   अफ्रीका की कविता बहुत पहले लाखों साल पहले अफ्रीका के घने जंगलों में पहली माँ ने गाया था  एक गीत अपने एक  बेचैन शिशु के लिए जो सो नहीं रहा था रात की  डरावनी  और क्रूर आवाज़ों से घबरा कर पर पता...