कविता
वरिष्ठ कवि। दो कविता संग्रह ‘कर्मनाशा’ और ‘समय ने समझाया’ प्रकाशित। संप्रति उत्तराखंड प्रांतीय उच्च शिक्षा सेवा में कार्यरत। केवट सबसे पहले मछलियाँ दिखती हैंउसकी बाँहों कीजिनके लिए कोई विशेषण नहीं भाषा के पास फिर दिखता है माथे पर चुहचुहाया पसीनाफिर दिखते...
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