कविताएं : सुभाष राय

कविताएं : सुभाष राय

    चार दशकों से पत्रकारिता| संप्रति लखनऊ में ‘जनसंदेश टाइम्स’ के प्रधान संपादक| एक काव्य संग्रह ‘सलीब पर सच’ प्रकाशित| तस्वीरें तस्वीरों में जितना दिखता हैउससे ज्यादा रह जाता है बाहरतस्वीरें कहां बताती हैं कि कभी भीबदल सकती है तस्वीररात-दिन चलते मजदूरों...