कविता
युवा कवयित्री। पत्र-पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित। हिंदी शिक्षिका। नदी का दुख एक दिन नदी को दुख हुआलगातार कई दिनों तकउसके पाट पर भाटा रहाछोटी लहरों के साथ बहकर आते रहेरंग-बिरंगे प्लास्टिकमाझी को बहुत दुख हुआउसने शोक में नाव नहीं चलाईमछुआरों ने देखाभाटे...
मल्टीमीडिया
कविता : बादल और लहरेंकवि : रवींद्रनाथ टैगोरअनुवाद : उपमा ऋचा कविता : मैं उठूंगीकवि : माया एंजलोअनुवाद : देवेश पथसरिया स्वर :तृषान्विता बनिक, प्रशिक्षु शिक्षिका सेंट जेवियर्स कॉलेज कोलकाताध्वन्यांकन ; अनुपमा ऋतु, लेखक-अनुवादक एवं संपादक अबे कलजुग! दृश्य संयोजन-संपादन :...
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