उमेश पंकज

उमेश पंकज

    वरिष्ठ कवि। अद्यतन कविता संग्रह ‘संवेदनाओं के क्षरण काल में’।  गमछा पसार देना जाने किस रास्ते आया गहराता दुखजिसमें चल रहा हूँजाने कब सेधूप धूल और धुएं के साथकभी रुका नहींथका जब तबदहकातुम्हारे प्रेम में डूबे हुएमौत की गोद में बैठकरजिस दिन सो जाऊंगातुम...
उमेश पंकज

उमेश पंकज

    वरिष्ठ कवि। अद्यतन कविता संग्रह ‘संवेदनाओं के क्षरण काल में’। भरोसा उसने भरोसा ही किया किअपने हाथ काट कर दे दिएउसने भरोसा ही किया किसहर्ष अपने पांव हवाले कर दिएऔर कहा कि खूब चलोशिखर तक पहुंच जाओतुमने पृथ्वी ही रौंद डालादानवीर ऐसा कितुमने जब कहा किअब...
कविताएं : उमेश पंकज

कविताएं : उमेश पंकज

वरिष्ठ कवि। ‘वृत्तांत’ साहित्यिक पत्रिका का संपादन। ओ पिता! मेरे भीतर बहता हैएक द्रव्य,जिसमें तुम होजंगल के बीच कलकल करतीपहाड़ी नदी की तरहभयावह समय केबेचैन क्षणों के दरम्यानपाया तुम्हीं कोसुबह की उजास की तरहअंधेरा चीरकर रास्ता दिखाते हुएपिता, ओ पिता!खौफनाक राहों से...