सागोन के दरख्त : उर्मिला शुक्ल

सागोन के दरख्त : उर्मिला शुक्ल

अद्यतन कहानी संग्रह ‘मैं, फूलमती और हिजड़े’, अद्यतन उपन्यास ‘बिन ड्योढ़ी का घर’। गांव में मुर्गा लड़ाई हो रही थी; मगर यहां न तो कोई हाट भरा था और न ही मड़ई।खास बात यह कि लड़ने वाले मुर्गे और इन्हें लड़ाने वाले दोनों एक ही घर से थे, सगे भाई।एक जैसी कदकाठी।फर्क बस आंखों में...