विचार
वरिष्ठ आलोचक और कवि। प्रमुख कृतियाँ : ‘नागार्जुन का रचना संसार’, ‘महादेवी के काव्य का नेपथ्य’। भवानी प्रसाद मिश्र और नंददुलारे वाजपेयी ग्रंथावली का संपादन। हिंदी साहित्य में 1936 का वर्ष उच्चतम सर्जनात्मकता का माना जाता है। प्रेमचंद का ‘गोदान’ जिसे कई बड़े आलाचकों ने...
कविता
वरिष्ठ आलोचक और कवि। प्रमुख कृतियाँ : ‘नागार्जुन का रचना संसार’, ‘महादेवी के काव्य का नेपथ्य’। भवानी प्रसाद मिश्र और नंददुलारे वाजपेयी ग्रंथावली का संपादन। 1 यों तो वहएक पहुंचा हुआ लीलाधरलोक-परलोक तकफैली हुई थी उसकी नटलीलाजब कभी वह मंच पर...
आलेख
वरिष्ठ आलोचक और कवि। प्रमुख कृतियाँ : ‘नागार्जुन का रचना संसार’, ‘महादेवी के काव्य का नेपथ्य’। भवानी प्रसाद मिश्र और नंददुलारे वाजपेयी ग्रंथावली का संपादन। साहित्य के समीकरण बीसवीं सदी में आजादी से पहले और बाद के दिनों में या इधर लिखे गए साहित्य को देखता हूँ तो जैसी...
Recent Comments