विजयसिंह नाहटा की दो कविताएं

विजयसिंह नाहटा की दो कविताएं

दो कविता संग्रह ‘है यहाँ भी जल’ और ‘लिखना कि जैसे आग’। जयपुर में प्रशासनिक अधिकारी। 1-अग्निपाखी कई-कई बार टूटता है कविकई-कई बार आबाद होती है दुनियाकई-कई बार खाली होता है कवि भीतर सेकई-कई बार सरसब्ज होता दुनिया का आंचलजब चमकदार नजर आता है धरती का चेहराअपनी कविता की आग...