मन में चुभते कांटे : विंध्येश्वरी प्रसाद मिश्र ‘विनय’

मन में चुभते कांटे : विंध्येश्वरी प्रसाद मिश्र ‘विनय’

    साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित संस्कृत कवि।गीत, गजल और कविताओं के कई संग्रह प्रकाशित।काशी हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर। दिन अनुदिन तपती यह धरतीनदी सरोवर जलस्रोतों में भरा मलिन जलधूम-धूल से धुमैली सभी दिशाएंविगत कांतिदुबले रोगी-सा...