विनोद प्रकाश गुप्ता ‘शलभ’

विनोद प्रकाश गुप्ता ‘शलभ’

  वरिष्ठ गजलकार। चार गजल संग्रह, एक कविता संग्रह और अनुवादों का एक संग्रह प्रकाशित। अद्यतन गजल संग्रह ‘त्रिशूल’।   गजल इस तरह की इश्क में सुरमागिरी पहले न थीप्रेम था विश्वास था धोखाधड़ी पहले न थी आईने तो हर जगह सच के अलमबरदार थेझूठ के बाजार में दादागिरी पहले न थी...
चंद बयान : विनोद ‘शलभ’

चंद बयान : विनोद ‘शलभ’

वरिष्ठ कवि। अद्यतन ग़ज़ल संग्रह ‘आओ नई सहर का नया शम्स रोक लें’, कविता संग्रह , ‘चारों दिशाएं’। संप्रति- एडवोकेट दिल्ली शिमला हाई कोर्ट्स 1सियासी होशियारी के अदाकारी के मौसम हैंनहीं तो आ रहे फिर अब गिरफ़्तारी के मौसम हैं हमारे ‘सच’ में जो हामी भरे हैं देशप्रेमी वो...
चंद बयान : विनोद ‘शलभ’

चंद बयान : विनोद ‘शलभ’

वरिष्ठ कवि। अद्यतन ग़ज़ल संग्रह ‘आओ नई सहर का नया शम्स रोक लें’, कविता संग्रह , ‘चारों दिशाएं’। संप्रति- एडवोकेट दिल्ली शिमला हाई कोर्ट्स 1सियासी होशियारी के अदाकारी के मौसम हैंनहीं तो आ रहे फिर अब गिरफ़्तारी के मौसम हैं हमारे ‘सच’ में जो हामी भरे हैं देशप्रेमी वो...