प्रसाद और छायावाद – साधारण में छिपे असाधारण की खोज : विनोद शाही

प्रसाद और छायावाद – साधारण में छिपे असाधारण की खोज : विनोद शाही

विनोद शाही वरिष्ठ आलोचक और नाटककार। आलोचना की लगभग तीस पुस्तकें। अद्यतन पुस्तक ‘संस्कृति और राजनीति’। जयशंकर प्रसाद छायावाद के प्रवर्तक भी हैं और उसका शिखर भी। उनके छायावाद को समझना, एक तरह से हिंदी छायावाद की मूल प्रकृति को समझने जैसा है। प्रसाद ने छायावाद की जो जमीन...