कविता
कवि-कथाकार।चार कविता संग्रह, पांच उपन्यास।महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान से सम्मानित। धीरे-धीरे छिपता और उगता हैजैसे सूर्यसूर्य हमेशा साथ हैबस हम ही रात हो जाते हैंकिताबें धीरे-धीरे सिखाती हैंऔर धीरे-धीरे समझ में आता हैआदमी का चेहरा धीरे-धीरे फैलती है...
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