वृंदा पांडेय

वृंदा पांडेय

    युवा कवयित्री। हिंदी और भोजपुरी की विभिन्न पत्रिकाओं और एक साझा संग्रह में कविताएं प्रकाशित। संप्रति अध्ययन। वह वह बहना चाहती हैजैसे खेतों में बहता है नदी का जललहलहाती फसलों की तरहहर मुश्किल का वह सामना करना चाहती है तुम हटा दो उसके मन के मुहानों परजम आई...