पतझड़ अभी औेर भी है : वाल्टर भेंगरा ‘तरुण’

पतझड़ अभी औेर भी है : वाल्टर भेंगरा ‘तरुण’

वरिष्ठ आदिवासी कथाकार और पत्रकार।अद्यतन कहानी संग्रह ‘अपना-अपना युद्ध’, उपन्यास ‘लौटते हुए’। दोपहर में बासी भात सनई और बोदी तियन के साथ खाने के बाद सुगनी अम्बा बगीचा आ गई थी।पतझड़ समाप्त होने को है, परंतु अभी भी सूखे पत्तों की कमी नहीं थी।पिछले साल घर के पिछवाड़े अरहर...