कविता
युवा कवि। गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में कार्यरत। गजल हसीन ख्वाब दिखाए बयान से पहलेउसे नजर तो मिले आसमान से पहले। कोई ज़बान दे रहा है सरफरोशी कीकिसी को पंख लगे हैं उड़ान से पहले सियासतों के नर्म ख्वाब ठीक हैं फिर भीज़रा सा पूछ लीजिए किसान से पहले। फितूर आपका...
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