संपादकीय मई 2021 : अंबेडकर को पढ़ते हुए

संपादकीय मई 2021 : अंबेडकर को पढ़ते हुए

शंभुनाथ ‘‘शिक्षा से अधिक शील को महत्व दें। साथ ही, अपनी शिक्षा का प्रयोग दीन-दुखी जनता के उद्धार के लिए न करके यदि केवल ‘अपनी नौकरी भली-अपना परिवार भला’ की भावना के साथ करेंगे तो समाज को आपकी शिक्षा से लाभ ही क्या?’’ अंबेडकर 1933 में ‘हंस’ के एक मुखपृष्ठ पर अंबेडकर की...
गजल : अरविंद अंशुमान

गजल : अरविंद अंशुमान

      दो गजल संग्रह ‘दर्द के गांव में’, ‘आईने के सामने’। (1)तवारीख़ में निहां कोई फसाना ढूंढ लेता हैवो नाकामी का अच्छा सा बहाना ढूंढ लेता हैनए किरदार में नाटक जो उसका चल नहीं पाताकोई किरदार वह फिर से पुराना ढूंढ लेता हैहमारे दर्द से उसकी यही निस्बत रही...
बरगद एक नन्हा पौधा है : श्रीधर करुणानिधि

बरगद एक नन्हा पौधा है : श्रीधर करुणानिधि

युवा कथाकार। प्रकाशित पुस्तकें, ‘वैश्वीकरण और हिंदी का बदतलता हुआ स्वरूप’(आलोचना) और ‘खिलखिलाता हुआ कुछ’ (कविता-संग्रह)। गया कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर। उनका नाम इतना जवान था कि उन्हें बाबा कहने की इच्छा नहीं होती। यद्यपि थे वे बाबा ही। एक उम्र के बाद दाढ़ी-मूंछ और...
दो कविताएँ  : दिलीप दर्श

दो कविताएँ : दिलीप दर्श

      बैंक कर्मी। दो पुस्तकें ‘सुनो कौशिकी’ (कविता संग्रह), ‘उनचास का पचास’ (कहानी संग्रह) प्रकाशित। जो किसी को याद नहीं रखता तुम अभी भाषा में मुझे नहीं पा सकोगेक्योंकि मैं जो भी हूँ अभी भाषा में नहीं हूँफिर भी तुम बार-बार मुझे वहीं ढूंढते होशायद...
किताबें मई 2021

किताबें मई 2021

1-थोड़ा-सा उजाला (कविताएं और टिप्पणियां) : अशोक वाजपेयीवाणी प्रकाशन, दिल्ली : मूल्य : 399 रुपए कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान अशोक वाजपेयी की रचनात्मकता और चिंताएं इस पुस्तक में है। लॉकडाउन में भले ही सबकुछ थम गया था, मगर कलम का कारोबार जारी था। पाठक इस पुस्तक के...